डिजिटल डेस्क, ढ़ाका। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर 13 अक्तूबर से हमले शुरू हुए हैं। पहले अलग-अलग स्थानों पर दुर्गा पंडालों को निशाना बनाया गया था और हिंदुओं पर हमला किया गया था। इसमें चार हिंदुओं की मौत हो गई थी, वहीं 60 से ज्यादा घायल हो गए थे। इसके बाद इस्कॉन मंदिर को भी निशाना बनाया गया और तोड़फोड़ की गई थी। इसके बाद से बांग्लादेश सरकार की आलोचना हो रही है। 

तसलीमा ने शेख हसीना पर निशाना साधा 

तसलीमा ने ट्वीट कर कहा कि जब हजारों हिंदू बांग्लादेश से बेघर हो चुके हैं और उनके घर को ढ़हा दिया गया या जला दिया गया है। तब पीएम शेख हसीना अपने भाई शेख रसेल का जन्मदिन मना रही हैं।

जब रोम जल रहा था, तब नीरो बांसुरी बजा रहा था

आपको बता दें कि तसलीमा नसरीन ने पीएम शेख हसीना पर हमला बोलते हुए कहा कि जब रोम जल रहा था तब नीरो बांसुरी बजा रहा था। ये साफतौर पर शेख हसीना पर निशाना था और उनके लापरवाह शासको पर कही जाने वाली कहावत थी। तसलीमा ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा कि दो हिंदू गांवों को जिहादियों ने जला दिया है और हसीना बांसुरी बजा रही हैं। तसलीमा ने इस मुद्दे को लेकर कई ट्वीट्स किए हैं। उन्होंने अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलें पर हिंदुओं के प्रदर्शन का एक वीडियो भी शेयर किया है।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुआ था विवाद

बता दें  कि सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट के कारण ही ये बवाल शुरू हुआ था। सूत्रों के मुताबिक सोशल मीडिया पर एक शख्स ने आपत्तिजनक पोस्ट कर दिया था। जिसके बाद से उपद्रवियों ने आसपास के घरों को आग के हवाले कर दिया था। पुलिस की सुरक्षा के कारण सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाला युवक तो बच गया लेकिन आसपास के लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। ढाका ट्रिब्यून के अध्यक्ष मोहम्मद सादकुल इस्लाम ने बताया कि उपद्रवी जमात-ए-इस्लामी और छात्र शाखा इस्लामी छात्र शिविर की स्थानीय इकाई के छात्र थे। 

इस्कॉन मंदिर ने की कार्रवाई की मांग 

बांग्लादेश में हिंदुओं और इस्कॉन मंदिर पर हमले के बाद इस्कॉन सोसायटी की ओर से बयान जारी किया गया है। इसमें बांग्लादेश में हुए हिंदुओं पर हमले की निंदा की गई है साथ ही बांग्लादेश सरकार से मांग की गई है कि हमलों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।  

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